दोस्त की बीवी के साथ सेक्स का अनुभव

प्रेषक : मोहित

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम मोहित है और मैं 24 साल का एक हट्टा कट्टा युवक हूं,ये कहानी मेरे दोस्त सुनील की पत्नी आयुषी की है मेरा दोस्त सुनील जो की 27 साल का था उसकी और मेरी दोस्ती बहुत पुरानी है |

सुनील का परिवार गांव में रहता था और सुनील ने यही गुडगाँव में एक फ्लैट खरीद लिया था और एल मल्टिनॅशन कंपनी में नौकरी करता था, उसकी सैलरी भी अच्छी थी | आप यह कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है |

सुनील ने अभी तीन महीने पहले ही आयुषी से अपने माँ पिता की मर्जी से शादी की थी ,सुनील के मुकाबले आयुषी ज्यादा सुंदर थी | जब सुनील और आयुषी शादी के बाद हनीमून के लिए मनाली जा रहे थे तो मैंने ही उनके हनीमून के पैकेज का इंतजाम किया था |

उस समय मैंने देखा था जब मैं उन्हें वॉल्वो बस पर छोड़ने गया था तब आयुषी भाभी काफी खुश थी और 8 दिन का पैकेज था और वो लोग 5 दिन में ही वापस आ गए थे और मैं जब सुनील के घर उनसे मिलाने गया तो सुनील ऑफिस गया था ,घर पर केवल आयुषी भाभी थी और उनका चेहरा मुरझाया और उतरा हुआ था.

आयुषी भाभी में मुझे बैठने और चाय पिने के लिए रोकना चाहा,पर मैं वापस अपने घर आ गया और शाम को सुनील का फ़ोन मेरे पास आया की आज वो मुझसे मिलना चाहता है और हम अपनी फिक्स्ड जगह जहाँ हम अक्सर मिलकर ड्रिंक करते थे मिले ,सुनील का चेहरा भी उतरा लग रहा था |

हम दोनों ने बैठकर व्ह्यस्कि पिने लगे और २-३ पेग लगाने के बाद मैंने सुनील से पूछा की क्या हुआ यार मैं तेरे घर गया था तो आयुषी भाभी भी और तू भी बहुत उदास है और तुम लोग होनेमून से भी जल्दी आ गए तो सुनील बोला क्या बताऊ यार तुझे तो मालूम ही है की मेरा लंड छोटा है तो यही कारन है की हमारा हनीमून सफल नहीं हो पाया और हम जल्दी वापस आ गए और सुनील बोला कुछ कर यार वार्ना मेरी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी तो मैंने कहा तू फ़िक्र मत कर मैंने सुना है की आजकल लंड लंबा करने की दवाई आती है |

मै इसके बारे में पता करता हु उसके बाद हम ने २-२ पेग और लगाए और अपने अपने घर चल दिए | अगले दिन मैंने इंटनेट द्वारा अपने लैपटॉप पर एक विदेशी दवाई ढूंढ निकली जो लंड को लंबा करने का दावा करती है और सुनील से पूछ कर उसका आर्डर मैंने अपने घर के एड्रेस पर कर दिया |

दो दिन बाद दवाई मेरे घर पर आ गयी और शाम को जब मै सुनील के घर पहुंचा तो घर पर आयुषी भाभी अकेली थी और आयुषी भाभी ने बताया की आज दोपहर को ही अचानक ऑफिस के सर ने सुनील को एक हफ्ते के लिए जरुरी काम से बॉम्बे ऑफिस भेज दिया है |

और मुझे बैठने को कहा ,सुनील के एक हफ्ते बहार होने की वजह सुनकर मै खुश हो गया क्योकि मै आपको बताना चाहता हु की आयुषी भाभी पर मेरा पहले से दिल आ गया था क्योकि आयुषी भाभी थी ही इतने सेक्सी जो उन्हें एक बार देख ले तो उन्हें चोद देने की जरूर सोचेगा और उस दिन आयुषी भाभी ने लॉन्ग शर्ट के नीचे लॉन्ग स्कर्ट पहन राखी थी l

जब वे मेरे लिए चाय बनाकर लाई और सोफे पर वहीँ बैठ गयी और हमारी इधर उधर की बातें होने लगी ,इतने में बाहार बहुत तेज बारिश होने लगी तो आयुषी भाभी ने कहा की बारिश रुक जाये तो चले जाना ,काफी देर तक बारिश न रुकने पर भाभी बोली ,आज आप यही रुक जाओ बारिश तो रुकने का नाम नहीं ले रही है |

पहले तो मैंने न नुकर की और फिर रुकने के लिए हाँ कर दी जब मैंने रुकने की हाँ कर दी तो आशुसि भाभी बोली भैया रात को खाने में क्या बनाऊ जो आपको पसंद हो तो मैंने कहा कुछ भी खाना खा लेंगे जो आप बना लो l

मैंने देखा घडी में 8 बज रहे थे ,आयुषी भाभी खाना बनाने किचन ने चली गयी और में सोफे पर बैठ कर टीवी देख रहा था तो आयुषी भाभी मेरे पास आकर बोली भैया सुनील ने एक बार बताया था की आप रात को ड्रिंक लेते हो तो मैंने कहा ऐसी बात नहीं है भाभी जी तो आयुषी भाभी बोली भैया इनकी व्ह्यस्कि की बोतल है अगर आप लेना चाहे तो ले सकते है |

मैंने भी हाँ कर दी और अनमने मन से बोला सुनील भी होता तो पिने का मजा ही कुछ और होता तो आयुषी भाभी बोली आप फ़िक्र मत करो आप का साथ मैं एक दो पेग वोडका के लेकर कर दूंगी और बोली मैं तयारी करती हु पहले कपड़े चेंज कर लू और अपने रूम में जाकर थोड़ी देर बाद जब वापस आई तो मैं तो देखता ही रह गया.

आयुषी भाभी ने काले रंग की एक बिलकुल पारदर्शी नाइटी पहन राखी थी और नाइटी के नीचे शायद ब्रा पैंटी भी नहीं पहनी थी और किचेन में जाकर ड्रिंक का सामान लाकर टेबल पर रख दिया और मरे सामने सोफे पर बैठ गयी और बोली भैया पेग बनाओ न ,मेरी नज़र तो आयुषी भाभी से हैट नहीं रही थी |

ये देख कर आयुषी भाभी बोली क्या देख रहे हो भैया तो मैं बोला कुछ नहीं भाभी बस मुझे लगा जैसे कोई जन्नत की अप्सरा धरती पर आ गयी हो ,ये सुन कर आयुषी भाभी मुस्कुरा दी ,मैंने अपने लिए व्हिस्की का और आयुषी भाभी के लिए वोडका का पेग बनाया और पिने लगे ,आप यह कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | पेग पिटे समय बार बार मेरी नज़र आयुषी भाभी की पारदर्शी नाइटी के अंदर से झलकते गोरे बदन पर जा रही थी और आयुषी भाभी ये देख कर मुस्कुरा रही थी |

कहानी जारी है … आगे की कहानी पढ़ने के लिए निचे दिए गए पेज नंबर पर क्लिक करें ..

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