लोकप्रिय कहानियाँ

अनावृत कसी-कसी चूचियाँ और चूत-2

प्रेषक : इमरान “सुख का क्या है, कई लोग होते हैं जिनकी किस्मत में शादी टूटने के बाद सुख नहीं होता और कई लोग होते हैं, जिनकी किस्मत में शादी होते हुए भी सुख नहीं होता।” कहते वक़्त उसकी आवाज़ में एक मायूसी थी जिसने मेरे लोअर में हलचल मचा दी। मैंने उसकी आँखों में […]

अनावृत कसी-कसी चूचियाँ और चूत-1

प्रेषक : इमरान दोस्तो, मैं इमरान, मुंबई में रहता हूँ और एक मोबाइल कम्पनी में काम करता हूँ। ज़िन्दगी अब तक ऐसी गुजरी है कि उस पर कभी तो लानत भेजने का मन करता है और कभी सोचता हूँ क्या बुराई है इसमें…! मुझे ऐसा लगता है जैसे हमेशा मुझे लोगों ने इस्तेमाल ही किया […]

तलाकशुदा चालू माल की चुदाई-2

प्रेषक : इमरान मैंने उसका आशय समझ कर अपने कपड़े उतारने में देर नहीं लगाई। चूँकि मैं एक अच्छे कसरती शरीर का स्वामी था इसलिए उसे पसंद न आने का सवाल ही नहीं था… बाकी मेरा पप्पू ज़रूर मेरे हिसाब से छोटा था लेकिन वो उसके साथ संतुष्ट थी तो ठीक ही था। मैं उसके […]

मैंने एक कोशिश की और मेरी नैया पार लग गई

मेरी एक मौसी जब मेरे घर आती तो गलती से कभी उनके बूब्स, गांड टच हो जाता तो लंड खड़ा हो जाता मै उन्हें चोदना चाहता था मैंने एक कोशिश की और मेरी नैया पार लग गई वो बड़ी आसानी से मान गई और मैंने उनकी बैंड बजा दी

मोटे और भारी लण्ड का मर्दन -2

प्रेषक : इमरान मैंने न सिर्फ अपने हाथों को उसकी पीठ पर रखे हुए निदा की ब्रा के हुक खोल दिए बल्कि हाथ नीचे करके उसकी कुर्ती को एकदम से ऐसा ऊपर उठाया के उसकी भरी-भरी चूचियां नितिन की आँखों के आगे एकदम से अनावृत हो गईं और वह दोनों हाथों से उन पर जैसे […]

मोटे और भारी लण्ड का मर्दन -1

प्रेषक : इमरान दोस्तो, मेरी पिछली कहानी में मैंने बताया था कि कैसे मेरा ठिकाना लखनऊ में हुआ और फिर यहाँ जो ननद-भाभी की चूत के दर्शन सुलभ हुए तो वारे न्यारे हो गए और बाद में जब दोनों के बीच सब कुछ साफ़ हो गया तो मेरी उँगलियाँ समझो कि घी में तैर गईं। […]

मोटे और भारी लण्ड का मर्दन -3

प्रेषक : इमरान हम तीनों ही मादरजात नग्न थे और मेरे इशारे पर नितिन भी ऐसा सट गया था कि हम तीनों ही एक-दूसरे से रगड़ रहे थे। नितिन ने उसका चेहरा थाम कर उसे चूमने की कोशिश की, लेकिन निदा ने शर्म से चेहरा घुमा लिया और वो पीछे से उसकी गर्दन पीठ पर […]

चुदाई मुझे इतना थका गई -3

प्रेषक : इमरान भाभी की चुदाई के चार रोज़ बाद एक रात ऐसा मौका भी आया… जब रात के किसी पहर मेरी आँख खुल गई। खुलने का कारण मेरे लंड का खड़ा होना और उसका गीला होना था। मैंने अपनी इंद्रियों को सचेत कर के सोचा तो समझ में आया कि कोई मेरे लंड को […]

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