मेरी और मेरी माँ की साले ने बजा डाली

आप सबकी चहेती राइटर 1 बार फिर से आप सबके लंड और चूत को भड़काने के लिए हाज़िर हैं

अब बातें तो बहुत चोद ली मैने थोड़ा चुदाई …वुदायि की बात भी हो जाए नही तो आप सब खाली लंड पे हाथ धरे रह जाएँगेlहां तो मेरी प्यारी चूत वाली बहनो और लंड धारी भाइयों आप सब अपने अपने समान पर हाथ रख लीजिए

बात उन दिनो की है जब अब्बू और भाई बाहर गये हुए थे और करीब हफ्ते भर से मेरी और माँ दोनो की चुदाई नही हुई थी और हम दोनो ही चूत की बेकरारी से परेशान थे और एक दूसरे की चूत से चूत और चूचियाँ रगड़ कर 4 दिन से सो रहे थे जो लोग मेरी कहानियाँ पढ़े होंगे वो तो मुझे और मेरे घर वालों के बारे मे जानते ही होंगे

आप जानते होंगे हम लोग किस तराह से घर मे ही चुदाई का खेल खेलते है पर जो नये रीडर्स है वो भी जान ले पर अब चूत और चूची रगड़ने से भला नही हो रहा था हम लोग लंड के धक्के खाने को तरस रहे थे और मामू का लड़का भी अपने हॉस्टिल गया हुआ था और कोई बचा भी नही था जिससे अपनी आग ठंडी करवाते

माँ- बेटी रूबी आज 8वाँ दिन है तेरे अब्बू को गये और आज तो चूत मे रह…रह कर खुजली हो रही है अब तेरी उंगली से और मूली,गाजर से भी मज़ा नही आ रहा है

रूबी- माँ मूली गाजर तो आप मेरी बुर मे करती है आप का काम तो खीरे और बैगन से भी नही चलता है पता नही कितनी गश्याम भोसड़ी है आपकी…?

माँ- अररी छिनाल अब इतने सालों से पता नही बेचारी किस किस के धक्के खा रही है और फिर तुझे और तेरे गबरू भाई को भी तो इसी मे से बाहर निकाला है तो बुर..भोसड़ा तो हो ही जाएगी पर आज इसका कुछ करना ही पड़ेगा आज तो बिना लंड के काम नही चलेगा पर कोई है भी तो नही वो कमीना ऐसे वक़्त मे दूधवाला ही काम चला देता था पर वो भड़वा भी गाँव गया है

रूबी- माँ 1 बात कहूँ..?

माँ— 1 क्यों 4 बात कहो

रूबी- माँ देखो आजकल जाड़े का वक़्त है भेल वाले निकलते ही रहते है आप कहो तो बुला लूँ किसी को बेचारे को थोड़े पैसे वगेरा दे देंगे

माँ-वाआह मेरी चुद्दो कितने कमाल का आइडिया दिया है जी कर रहा अभी तेरी चूत चूम लूँ चल तो देर किस बात की बुला जल्दी से

रूबी- साली लंड के धक्के खाने को कैसे कुतिया जैसे हालत हुई जा रही है अब ज़रा सब्र तो करो निकलने तो दो किसी को

थोड़ी देर बाद 1 भेल वाले की आवाज़ आई तो हम और माँ 1 साथ रॅलिंग पर झपट पड़े पर वो बेचारा तो 1 14…15 साल का दुबला पतला सा लड़का था माँ की बहुत मर्ज़ी थी कि बुला लूँ उसे पर मैने नही बुलाया माँ झुंझला पड़ी

माँ- अररी हरराफ़ा क्या बिगड़ जाता अगर उसे ही बुला लेती तो

रूबी- माँ वो बेचारा बच्चा था और कितना कमजोर भी तो था

माँ- कमजोर…वम्जोर कुछ नही होता जब सामने दो…दो नंगे जिस्म देखता तो साले का तन्ना कर खड़ा हो जाता बेटी मर्द चाहे कितना भी दुबला पतला हो पर जब बात चोदने की आती है तब वो कमजोर कहीं से नही होता अब अपने भाई को ले लो जब उसने चुदाई सुरू की थी तब उसकी भी क्या एज थी और कितना दुबला पतला था वो तो अब सेहत बनी है उसकी

रूबी- अच्छा बाबा अब बातें तो मत सूनाओ मैं तो कोई कड़ियल जवान की सोच रही थी और आप हो कि मरियल लड़के से ही अपनी बुर चुदवाना चाहती हो तो मुझे क्या अबकी बार कोई भी आएगा बुला लूँगी उसे और थोड़ी देर बाद फिर से आवाज़ आई पर इस बार जो था उसे देख कर मेरी और माँ की झान्टे खिल गयी थी वो ऊँचे कद का मज़बूत काठी वाला और किसी पहलवान सरीखी सेहत वाला करीब 36….38 साला का आदमी थी उसे मैने आवाज़ दी तो वो गॅलरी मे आया और मैने मेन गेट बंद कर लियाl

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