सारा विर्य साली की चुत के अंदर गिरा दिया

प्रेषक : धीरज कुमार

दोस्तों मेरा नाम( बदला हुआ) नरेश है। मेरी उम्र 25 साल है,दोस्तों मैं एक शादी शुदा व्यक्ति हूँ ,मुझे दो बच्चे है । मैं अपनी सगी साली की कुवारीं चुत का सिल तोड़ा था । दोस्तों मै एक सच्ची कहानी शेयर करने जा रहा हूँ । अब मै सीधे स्टोरी पे आता हूँ । मेरी पत्नी पेट से थी आठवा महीना चल रहा था । और अब घर का काम संभालने में मेरी पत्नी को काफी परेशानी उठाना पड़ता था ।

मेरे घर में मां तो थी मगर उससे कोई काम नहीं हो पाता था ,पिता जी का स्वर्गवास हो चुका था । तो घर का काम न होने के कारण वो अपने मायके अपनी माँ से फोन से बात की और सारी परेशानी बताई ।तो उसके माँ ने मेरी पत्नी की ममेरी बहन नितु को दो तीन महीनों के लिए रहने को कहा तो वो मान गई ।उसकी उर्म चौदह पंद्रह  साल की थी उसे पढ़ने में मन भी नहीं लगता था ।तो वो मेरे यहाँ आने के लिए तैयार हो गई । मेरी जब शादी हुई थी तब उसकी उम्र लगभग नौ साल की रही होगी ।एक दम बच्ची थी । मै शादी के बाद कभी देखा नहीं था उसे ।

जब पहली बार  मैंने उसे इस उम्र मे देखा तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ की ये वही है जिसे मै अपनी शादी पे देखा था । तो दोस्तों नितु घर के कामों को अच्छी तरह से कर लेती थीं ।और मै पत्नी के सामने उससे बहुत कम ही कुछ बोलता था, ताकि मेरे पत्नी को कुछ बुरा न लगे ।

नितु भी कुछ कम ही बोला करती थीं हमसे ।मजाक तो समझो की होता ही नहीं था हमलोगों के बीच में । लेकिन मै जब भी नितु को देखता तो मेरे मन मे कुछ और ही भवना जाग जाता, वो दिखने मे थी ही एेसी ।सुडौल शरीर उसके बुब्स तो एकदम टाइट थे  । आप लोग यह कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | एक दिन मैंने उसको नहाते हुए उसके बुब्स को देखा था । तो मेने आंखों से ही इशारा किया की एकदम मस्त है ।तो वो सरमा सी गई ।

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और मेरे पत्नी को भी कुछ नहीं कहीं ।मै कभी कभी सेक्स वीडियो देखा करता था, और जब वह कभी मेरे नजदीक किसी काम से आती तो साइट से ही दिखा  देता ।तो वो फट से वहाँ से भाग जाती ।ऐसा ही कुछ दिन तक मै उसे परेशान करता रहा, लेकिन वो कभी इसका विरोध नहीं की । मेरा भी पत्नी के साथ खुलकर सेक्स किए अच्छा दिन हो गया था । एक बार मेरे बड़े बेटे का तबियत अचानक खराब हो गया ।पटना मे एक दो डॉक्टर से भी दिखाया लेकिन उसका बुखार उतर ही नही रहा था ।फिर मेरी बड़ी बहन का फोन आया, वो टाटा मे रहती थी, तो उसने कहा की यही लेकर आ जा । तो मै तैयार नहीं हुआ ।पत्नी मेरे बहन को पटना  बुलवाकर उनके साथ टाटा चली गयी ।मै बहुत ही खुश था । घर मे मेरी साली और मेरे अलावा मेरी बुडी माँ ही थी ।पत्नी के चले जाने के बाद सब लोग खाना खा कर सोने चले गए ।मै अपने कमरे मे और माँ और साली दूसरे एक कमरे मे,लगभग ग्यारह  बजे मैं पेशाब करने गया ।और एक बार उन लोगों को भी उनके कमरे मे देखने चला गया, की वोलोग ठीक से सो तो गये ना ।मैने देखा की माँ तो बेखबर सो रही है उनका तो नींद की दवा भी चलती थी । और साली भी सो रही थी,लेकिन उसके उभरे हुए बुब्स को मैने देखा वो एकदम टाइट और निप्पल खड़े खड़े दिखाई दे रहे थे ।

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मेरा मन डोल गया मैं उसके नजदीक गया और उसके बुब्स पर हाथ रखा, वो जाग रही थी ।तो मै डर गया, उसने धीरे से पुछा क्या हुआ जीजा जी निंद नहीं आ रही है क्या । मैंने कहा नहीं नहीं आ रही, तो उसने कहा की चलिए मै आपकी पैर दवा देती हूँ ।मै ठीक है कहकर अपने कमरे मे आ गया ।कुछ देर के बाद वो भी मेरे पैर दबाने के लिए आ गई ।और वो मेरे पैर कुछ ही देर दबाई होगी की मेरे लंड टाइट होने लगा ।उसका हाथ मेरे लंड को बार बार टच कर रहा था, फिर मै उसे पकड कर अपनी तरफ खिंच लिया । आप लोग यह कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है | वो थोड़ा सा सहमी हुई सी लग रही थी ।मैंने उसे दिलाशा दिलाया की कुछ नहीं होगा ।तुम कुछ देर ऐसे ही मेरे साथ सो और जब मुझे निंद आ जाऐगी तो वापस मा के पास  चली जाना सोने के लिए ।वो कुछ नहीं बोली मैं उसे ऐसे पकड कर सो गया मानो मै अपनी पत्नी के साथ सोया हूं ….

कहानी जारी है …. आगे की कहानी पढने के लिए निचे दिए गए पेज नंबर पर क्लिक करे …|

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  • Sharma Komal (SWEETY)

    so nice

  • ए के एम

    मण्च के सम्मानित मित्रो
    प्रकृति ने सम्भोग और वीर्यत्याग की क्रिय ऐसी रची थी / है कि वीर्यत्याग योनि की अन्तर्तम गहराईयों में हो या किया जाये
    फ़िर आये गर्भ-निरोधक तरीके और ऐड्स से बचने के तरीके।
    लेकिन ऐसे में सोचिये देवियाँ पिल-गोली या फ़िर कॉपर-टी जैसी चीज़ों का सहारा क्यूं लेती हैं?
    या फ़िर कभी-कभी “अगली सुबह वाली गोली”
    मेरे पुरुष-आधिरित विचार से कारण निम्न हो सकते हैं
    चूत-गाँड में लण्ड का वास्तविक स्पर्श और उसकी उष्मा / गरमी का आनन्द
    लण्ड के घर्षण (रगड़) का सम्पूर्ण अहसास
    वीर्य की पिचकारियोँ और उसकी “आग” का बिना रुकावट / अवरोधक आनन्द
    तो फ़िर इस तर्क के आधार से नापा जाये तो
    ” सारा विर्य साली की चुत के अंदर गिरा दिया ”
    उचित रहा और इस प्रकार सम्पूर्णानन्द की प्राप्ति हुई
    सप्रेम
    सम्भोग प्रेमी
    विश्वयोनि शुभाकाँक्षी
    लिन्गधारी
    ए के एम

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