मेरी सगी साली की चूत बीवी से पहले चोदी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम महेश है और में गाजियाबाद का रहने वाला हूँ, दोस्तों यह कहानी जिसको में आप सभी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम के चाहने वाले को सुनाने जा रहा हूँ। यह मेरी मेरी पहली कहानी और मेरा पहला सच्चा सेक्स अनुभव है जिसमे मैंने अपनी सगी साली को चोदा और उसके साथ मज़े लिए

वैसे में बहुत समय से सेक्सी कहानियाँ पढ़कर उनके बहुत मज़े ले रहा हूँ और पिछले कुछ समय से अपनी भी यह घटना आपको सुनाना चाहता था, लेकिन ना जाने क्यों डरता था शायद किसी को पता ना चले इसलिए और आज मैंने बहुत हिम्मत मेहनत करके इसको आपके लिए लिखकर तैयार किया है। में उम्मीद करता हूँ कि इसको पढ़कर आप लोगों को जरुर मज़ा आएगा और अब में अपनी कहानी को शुरू करता हूँ।

दोस्तों यह एक सच्ची घटना है जो मेरी शादी के कुछ दिन पहले मेरे साथ घटित हुई। में उस समय 25 साल का था और मेरे बदन की बनावट बहुत अच्छी थी और पढ़ा लिखा होने की वजह से में आकर्षक भी दिखता था। मेरी लम्बाई 6.1 और उस समय मेरा वजह करीब 75 किलो था। दोस्तों उस समय मेरी शादी की बात चल रही थी और डेल्ही से एक रिश्ता भी उस समय आया हुआ था।

उस लड़की की 4 बहनें थी और उसके एक भी भाई नहीं था और यह बात मन ही मन सोचकर मैंने सोचा कि मुझे एक साथ 4 बीवियाँ मिलेगी एक पूरी और तीन आधी, तो घरवालों को बाकी सब बातें पसंद आने पर मेरी शादी करीब चार महीने के बाद तय हुई और उन बहनों में मेरी पत्नी 2nd नंबर की है।

उसकी सबसे बड़ी बहन उस समय करीब 26 साल की थी और वो पुणे में रहती थी उसका एक दो साल का बेटा भी था और उसका पति उस समय सिंगापुर में रहकर नौकरी करता था, तो मुझे मेरी सगाई के बाद एक बार पुणे किसी काम से जाना पड़ा और फिर में अपना काम निपटाकर अपनी साली से मिलने दिल्ली उसके घर पर चला गया, वो मुझे देखकर एकदम चकित रह गई और बहुत खुश भी हुई।

उसका 2 BHK का फ्लेट था और मुझे दूसरे बेडरूम में रखा और मैंने अपना बेग वहीं पर रख दिया।

फिर फ्रेश होने के बाद में हॉल में आ गया और तब तक 9.30 बज गये थे और उसका बच्चा सो गया था। उसको पहले से पता था कि में ड्रिंक करता हूँ और उसके घर में विस्की की बोतल हमेशा पड़ी रहती थी। उसका पति जब भी अपने घर पर आता था तो वो 5-6 विस्की की बोतल ले आता था।

अब मुझे बिना पूछे उसने पेग मेरे लिए बना दिए और मुझे उसकी यह हरकत देखकर बहुत अचरज हुआ, लेकिन मैंने उनसे कहा कि दीदी में अकेले कभी नहीं लेता, क्या आप भी मेरा साथ देना चाहोगी? तो उसने भी मेरी बात को सुनकर ना नहीं कहा और फिर उसने अपने लिए भी एक पेग तैयार किया और हमने पीना शुरू किया।

एक पेग खत्म होने के बाद दूसरा आया और हमारी बातें धीरे धीरे सेक्स के विषय पर आ गयी। फिर मैंने शरमाते हुए उससे कहा कि मैंने तो सेक्स के बारे में अब तक बस पढ़ा है और कभी कभी ब्लूफिल्म भी देखी है। मेरी उस बात को सुनकर वो हंसने लगी और तभी वो मुझसे कहने लगी कि जीजाजी क्या आप कोई ब्लूफिल्म देखोगे?

पहले तो में उसके मुहं से यह बात सुनकर एकदम चकित हो गया और उसके बाद मैंने मन ही मन कुछ सोचकर कहा कि हाँ चलेगी। फिर उसने भी मेरी तरफ शरारत भरी मुस्कुराहट से देखा और में भी उसके मन की बात को बहुत अच्छी तरह से समझ गया कि वो अब मुझसे क्या चाहती है? आप ये कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

तो उसने डीवीडी पर एक केसेट लगाई और जैसे ही वो फिल्म शुरू हुई उसमें कुछ देर बाद एक लड़का उस लड़की को टेबल पर लेटाकर उसकी चूत में अपना डालकर ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा और कुछ देर धक्के देने के बाद उसने लंड को बाहर निकालकर लड़की के मुहं में डाल दिया, वो उसका लंड बहुत मज़े से चूसने लगी और अब में वो सब देखकर बहुत जल्दी गरम हो गया।

जोश में आने की वजह से मेरा लंड अब मेरी लूँगी में तनकर खड़ा हो गया और मेरा हाथ अपने सामान पर चला गया। दोस्तों मेरी साली ने वो चुदाई की फिल्म पहले भी देखी हुई थी, जिसकी वजह से वो मेरे साथ बिल्कुल शांत होकर अच्छा व्यहवार कर रही थी। फिर हमारा तीसरा पेग आया और हम दोनों ने वो भी खत्म कर दिया तब तक वो फिल्म भी आधी खत्म हो गयी थी और अब मेरी बहुत बुरी हालत थी। मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था और में बहुत व्याकुल था।

तभी में उठकर सीधा बाथरूम में चला गया और मैंने अंदर जाकर अपने लंड को हिलाकर शांत किया और कुछ देर बाद मेरे बाहर आने पर मेरी साली की वही शरारत भरी मुस्कान थी जिसको देखकर में थोड़ा सा शरमा गया और अब में उसकी तरफ देखने लगा।

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..

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  • ए के एम

    मेरे सीमित ज्ञान और अनुभव के अनुसार होने वाली बीवी को चोदने से पहले यदि साली को चोदने का अवसर मिले तो यह दोनों, नव वर-वधु, के लिये आने वाले भविष्य में बहुत लाभकारी सिद्ध हो सकता है ,
    कैसे ?
    प्रायः बहनों का परस्पर एक सा स्वभाव हो जाता है, एक सा लालन-पालन, साथ-साथ पलने और बड़े होने के कारण,
    अतः जिस भाव और भावना से साली चुदवायेगी उसी भाव की आशा होने वाली पत्नि के सन्दर्भ में की जा सकती है ,
    दूसरा , सभसे अधिक महत्वपूर्ण और लाभकारी कारण है
    साली अपनी बहन की जाने-अनजाने में गहरी राज़दार होती है, उसे अपनी बहन की अत्यन्त गोपनीय और सम्वेदनशील बातें पता होती है जो वह उचित हालात में साली होने वाले जीजा को बता सकती है या कहिये बता देती है ।
    अतः साली को पहले चोदा होने वाली पत्नि को बाद में , यह पूर्णतः तर्कसंगत क्रम रहा
    सप्रेम
    सम्भोग पुजारी
    योनि संहारक
    चूत को मंज़िल पर पहुँचाने वाला
    लिन्ग स्वामी
    ए के एम

  • ए के एम

    आदरणीय सम्पादक मण्डल के सदस्यो,
    कृपया ज्ञान दें कि क्या सन्देश के साथ चित्र भी संलग्न करने की अनुमति है ?
    मैनें पाया है कि तक्नीकी दृष्टि से तो यह किया जा सकता है, परन्तु क्या सम्पादन निति से किया जा सकता है या नहीं ?
    सप्रेम
    ए के एम

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