गांड और चूत में एक साथ लंड घुसाने की हिंदी सेक्स कहानी

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम प्रतिमा है और में बंगलोर की रहने वाली हूँ, लेकिन अभी में मैसूर में रहती हूँ। मेरी उम्र 17 साल है और रंग गोरा, मेरी हाईट 5 फुट 3 इंच है और 34-32-36 साईज का फिगर है। यह कहानी तब की है जब में मैसूर में पढ़ती थी। में वहाँ एक फ्लेट में रहती थी और आस पास के कई लड़को की नज़र मुझ पर होती थीl

लेकिन में उन पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थी, क्योंकि लड़के तो लड़कियों को देखते ही है, लेकिन मुझे नहीं पता था कि एक दिन यही नज़रे मुझे कही का नहीं छोड़ेगी। मेरे कॉलेज में एक लड़का पढ़ता था जिसका नाम साहिल था, उसका रंग काला और वो बिहारी टाईप का लड़का था। उसने कई बार मुझसे पढाई में मदद माँगी थी और में भी एक क्लासमेट होने का फ़र्ज़ निभाते हुए उसकी मदद कर देती थी।

एक बार परीक्षा का दिन था और में कुछ पढ़कर नहीं गई थी तो मैंने एग्जॉम में चीटिंग करने के लिए चिट्स अपनी गोरी जांघो पर रबड़ के सहारे रखी हुई थी। अब मेरी पास की सीट पर साहिल भी बैठा हुआ था, लेकिन मेरा ध्यान टीचर पर था कि वो कब वो अपना मुँह कही और करे और में चिट्स निकाल सकूँ।

फिर जैसे ही मैंने चिट निकालने के लिए अपनी स्कर्ट ऊपर की तो साहिल मेरी जांघो को देखने लग गया और उसे भूखे जानवर की तरह घूरने लग गया। अब उसका बस चलता तो वो मेरी स्कर्ट को नीचे करने ही नहीं देता, लेकिन मैंने उसे इग्नोर कर दिया।

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अब वो मुझे कई बातों से बुलाने लग गया था, लेकिन में अपने भोलेपन और फ्रेंड्ली नेचर की वजह से उसकी बातें ना समझकर उसकी मदद कर देती थी। फिर एक दिन मेरी एक फ्रेंड का बर्थ-डे आया और उसने लगभग सारी क्लास को इन्वाइट किया, जिसमें साहिल भी था।

फिर में भी अपनी ब्लेक कलर कि ड्रेस पहनकर चली गई, जो स्लीवलेस थी और नीचे से मेरे घुटनों के ऊपर तक थी और ऊपर से क्लीवेज के शुरुआत से शुरू थी। उस पार्टी में ड्रिंक्स भी थी और फिर मैंने भी सबके साथ मिलकर टक़ीला के शॉट्स लगाए और खूब नाचे।

अब हम सबने पीते-पीते वोड्का और दारू पी ली और साहिल ने ये बात देख ली और उसने सबसे कम पी थी। अब उसने नाचने के जोश-जोश में मुझे हर बार एक वोड्का पकड़ा दी थी और एक ग्लास में नशे की एक गोली डालकर दे दी थी, जिसे पीने से में और नशे में हो गई थी। फिर पार्टी ख़त्म होने पर सब अपने-अपने घर जाने को तैयार होने लग गए और अब सब नशे में थे, जिसमें से में सबसे ज्यादा नशे में थी।

फिर साहिल ने मुझे घर छोड़ने को बोला और में कुछ ना समझते हुए कि मेरे साथ कौन है? में चलती रही। फिर वो मुझे अपनी कार में अपने एक और गंदे से दोस्त विहान के घर ले गया, जो हरियाणा के किसी गावं में था। फिर वहाँ उन्होंने मुझे बेड पर फेंका और वो दोनों मुझे देखने लग गए।

फिर विहान ने साहिल से कहा कि आज क्या माल लाया है? आज तो जमकर इसकी चूत का मज़ा लेंगे। फिर उन दोनों ने अपने-अपने कपड़े उतार दिए और अपने फोन से सब रिकॉर्ड करने लग गए। विहान उम्र में बड़ा और बहुत ज्यादा गंदा था, फिर उसने मेरी ड्रेस उतारी और साहिल को वीडियो बनाने के लिए अपना फोन पीछे से पकड़ा दिया।

फिर विहान ने मेरे बूब्स मेरी ब्लेक ब्रा के ऊपर से ही चूसने शुरू कर दिए और मेरे दोनों हाथ ऊपर कर दिए, जिससे मेरी चिकनी आर्म्सपॉइंट उसे दिखने लग गई। फिर साहिल ने विहान से कहा कि क्या सही रंडी है? पहले से तैयार होकर मिली है। फिर विहान अपना दूसरा हाथ मेरी काली पेंटी में डालकर मेरी चूत को सहलाने लग गया। अब में बस नशे में आआआ ओहहह करने लग गई थी, लेकिन में उन्हें रोकने की हालत में नहीं थी।

फिर साहिल मेरी टाँगे ऊपर करके मेरी सहलाती हुई चूत के पास से रिकार्डिंग करने लग गया। फिर विहान ने मेरी पेंटी और ब्रा निकालकर फेंक दी। अब मेरे नंगे बूब्स और चूत उनके सामने थे, मेरे निपल का साईज़ थोड़ा बड़ा है जिसे देखकर साहिल पागल हो गया l आप ये कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मेरे बूब्स को कुत्तों की तरह मसलने लग गया और मेरे दूसरे बूब्स को अपने दातों से काटने लग गया और मेरे निपल को अपनी उंगलियों में लेकर दबाने लग गया। अब दूसरी तरफ से विहान ने मेरी पिंक चूत को चाट-चाटकर पूरा गीला कर दिया था। अब मुझमें तो इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि में उन्हें रोक पाऊँ।

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  • ए के एम

    नारी के दृष्टिकोण से देखें तो एक ही समय में दो-दो अथवा तीन-तीन लौड़ों से सेवा पाना एक बहुत ही आनन्ददायी स्थिति होती है।
    कैसे ?
    # 1 लण्ड जब मुख मैथुम में लगा होता है तो नारी को उसका स्वाद और उसकी गन्ध (महक) उसे कामोत्तेजना से भर देतें हैं ,
    # 2 लण्ड जब नारी की गुदा (गाँड) में घर्षण करता है तो दो क्रियांयें एक साथ होती हैं। पहली, लण्ड गाँड के सख्थ स्नायुओं (मसल्ज़) को घर्षण द्वारा नर्म कर देता है और आसपास का सम्पूर्ण स्थल (चूत और गाँड का इलाका) अति सम्वेदन शील हो जाता है। दूसरा लण्ड का गाँड मे घर्षण चूत की सुरंग पर दबाव डालता है जिस कारण चूत के सम्वेदना तन्तु “जागृत” हो उठते हैं अर्थात् चूत रसीली होने लगती है।
    # 3 लण्ड जब चूत में घर्षण करता है ? ? उसकी व्याख्या की भला क्या ज़रूरत ?
    एक अतिरिक्त किन्तु अति विशेष लाभ होता है कि जब एक लण्ड “थक” जाये तो दूसरा – तीसरा तय्यार होता है उसकी जगह लेने के लिये !
    इन्ही कारणों से मैं सदैव अनेक पुरुष सम्भोग (गैंग-बैंग) के सिद्धान्त का पक्षधर हूँ , और इस सिद्धान्त का भी एक तर्क है।
    प्रायः पुरुष की तुलना में नारी को चर्मोत्कर्ष तक पहुँचने में अधिक समय लगता है । यही एक मात्र कारण है कि विश्व भर की शत प्रतिशत की यह शिकायत है कि वे सब 95% समय बिना आनन्द पाये रह जाती हैं। साथ-साथ सभी का यह भी दावा है कि वे 95% समय अपने-अपने “चर्मोत्कर्ष” का दिखावा करती है।
    तो बताईये नारी की सन्तुष्टि का क्या उपाय है हम मर्दों के पास ?
    कितने मर्द हैं जो चुदाई करते समय संयम का पालन कर अपनी-अपनी स्तम्भन शक्ति सँजोये रखते हैं, तबतक जबतक नारी की चूत पूरी तरह से स्खलित न हो जाती ? और जो रखते है उनकी नारियों को सदा एक लण्ड ही काफ़ी होता है, और यदि “दूसरे” की इच्छा होती है तो यह केवल “विविधता के लिये होती है न की ‘सन्तुष्टि’ के लिये !
    इस सन्दर्भ में याद रहे कि नारी पुरुष की तरह केवल एक बार स्खलित नहीं होती। लण्ड-चूत के घर्षण चलते, नारी को छोटे-छोटे कई स्खलन (मिनि और्गेज़्म) होते हैं और अन्ततः अति तीव्र स्खलन (और्गेज़्म)। पुरुष यदि इस अन्तिम् स्खलन के पश्चात् स्खलित हो तो नारी परम सुख प्राप्त करती है। और दोनों सम्भोग के मार्ग पर बने-रचे मोक्ष को प्राप्त करते हैं ।
    सप्रेम
    चूत पिपासू
    योनि चोदन अभिलाषी
    ए के एम

  • Sharma Komal (SWEETY)

    so nice

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