चुदाई भी किया और किमत भी लिया

हाय, मेरा नाम अरविन्द है। मैं आपको एक सच्ची कहानी पढ़ा रहा हूँ। मैं एक स्टुडेंट हूँ और अब मैं राजस्थान में मेल एस्कोर्ट का काम भी कर रहा हूँ। मैं मेल एस्कोर्ट (प्ले ब्योय) कैसे बना वो मैं लिख रहा हूँ। एक बार मैं एक फ़्रेंड के रिसेप्शन में गया था। मेरा फ़्रेंड काफी पैसे वाला है तो उसके यहाँ गेस्ट भी पैसे वाले ही आये हुए थे।

मैं मिडिल क्लास से सम्बंध रहता हूँ। मैं और मेरा फ़्रेंड एक ही कोलेज में पढ़ते हैं इस लिये मुझे भी रिसेप्शन में बुलाया था, मैं एक स्पोर्ट्स मैन भी हूँ तो मेरा शरीर एथेलेटिक टाइप का है। मैंने टाइट टी-शर्ट और जीन्स पहना हुआ था। उस पार्टी में एक औरत करीब 26 साल की शादी शुदा मुझे कभी कभी गौर से देख रही थी जब मेरी नज़र उन पर पड़ती तो वो मुस्कुराने लगती। मैं भी मुस्कुरा देता।

पार्टी खत्म हुई तो मैंने अपने दोस्त को विश कर कहा “अब मैं चलता हूँ, काफी रात हो रही है” करीब 12:00 बज गये थे। मैं बाहर जाने लगा तभी वो औरत मुझे गेट पर इन्तज़ार करते हुए मिली। शायद मेरा ही इन्तज़ार कर रही थी। उसने मुझे हैलो कहा तो जवाब में मैंने भी हाय कहा।

मैं आगे बढ़ने लगा तो वो बोली “आप कहाँ जा रहे हैं?”
मैं “घर”
वो “आप किधर से जाइयेगा”
मैं ” बे पास हो कर”
वो “आप अकेले रहते हैं”
मैं “हाँ, मैं यहाँ पढ़ाई कर रहा हूँ, फ़ैमिली घर पर रहती है, मैं यहाँ रेंट पर रहता हूँ”

वो “मैं भी अजमेर में रहती हूँ, मेरे पति बाहर गये हैं, अकेले घर जाने में डर लग रहा है, क्या मैं आप के साथ चलुं”
मैंने थोड़ी देर सोचा फिर कहा “ठीक है चलिये” उसके घर पहुँचा तो बोली “मेरी शादी अभी 6 महीने पहले हुई है, मैं आज तक कभी अकेली घर पर नहीं रही, मेरे पति भी मीटिंग में बाहर गये हैं, अगर आपको बुरा न लगे तो क्या आप आज रात में यहाँ रह सकते हैं”

मैंने सोचा घर पर भी तो मैं अकेले सोउंगा, यहीं सो जाता हूँ, इन्हें डर भी नहीं लगेगा और सुबह मैं घर चला जाउंगा मेरा भी तो घर यहीं पर है। मैंने बोला “ठीक है” और हम दोनों घर में चले गये करीब 1:00 बज चुके थे। उसने अपने पति का नाइट शोट मुझे दिया और खुद नाइटी पहन कर मेरे पास आ गयी।

उसने कहा “मैं बगल वाले कमरे में जा कर सो जाती हूँ वैसे मैं आपके साथ ही सोना चाहती थी क्योंकि मुझे अकेले डर लगेगा” मैंने कहा “ठीक है आप बेड पर सो जाइये मैं सोफे पर सो जाता हूँ” वो “आप बुरा मत मानिये हम साथ सो सकते हैं। मैं “मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है”

फिर हम दोनो एक ही बेड पर सो गये। करीब 3:00 बजे मुझे ऐसा महसूस हुआ कि उसका हाथ मेरे लंड पर है। मैंने आँखें खोली देखा वो सो रही है। तभी मेरी नज़र उसकी चूचियों पर गया। उसकी चूची आधी से ज्यादा बाहर थी। ये देख कर मेरा लंड तन गया।

उसे शायद महसूस हो गया कि मेरा लंड टाइट हो गया है तो उसने मेरी तरफ़ करवट ली। ऐसा करने से उसकी चूची का निप्पल मुझे दिखने लगा। मैंने भी करवट ली तो महसूस हुआ उसकी साँसें तेज़ चल रही हैं। मैं समझ गया ये जागी हुई है और सेक्स चाहती है। आप यह कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

मैंने अपना हाथ उसकी चूची पर रखा और धीरे 2 दबाने लगा। उसने अपनी आँखें खोली और अपने लिप्स को मेरे लिप्स पर रख कर किस करने लगी। मैं भी उसकी चूची को जोर से दबने लगा। जब हम दोनो गरम हो गये तो एक दूसरे का कपड़े खोल दिये। हम दोनो बिल्कुल नंगे थे।

उसके नग्न शरीर को मैं देखता ही रह गया, गोरा रंग, टाइट निप्पल, नारंगी के समान चूची, स्लिम, पावरोटी की तरह बुर, मक्खन जैसे लिप्स। मैं लिख नहीं सकता कि उस वक्त मेरी क्या हालत थी। उसने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और बोली “प्लीज़ फ़क मी हार्ड” ।

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..

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