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चाची के साथ मजे की हर रात

मैं  हिमेश जाधव 28 साल सातारा महाराष्ट्र का हूँ ! मेरे पापा चार भाई है जिसमे पापा दूसरे नंबर के है ! सबसे छोटे काका मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के एक फैक्ट्री में ”सेल्स &रिलेसन मैनेजर” है अच्छी खासी पेमेंट है ! चाचा -चाची की एक ही लड़की है जो पुणे से कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग कर रही है !

मैं बचपन से ही (12 वर्ष की उम्र से ) काका के घर जाया करता हूँ काकी खूब लाड़ करती है मुझे क्योकि मेरी माँ और काकी की खूब पटती है ! गर्मी के दिनों में जब काका बाहर टूर पर जाते तो मैं काकी के रूम में AC लगा होने के कारण सो जाया करता तब काकी मुझे अपने सीने से लगा कर सो जाया करती, चाची की चूचियों के नरम स्पर्श से मुझे भी अच्छी नींद आ जाती !

जब मैं थोड़ा बड़ा हो गया (21 वर्ष का) इंदौर जाता तब काकी मेरे साथ शॉपिंग करने बाइक में जाती और रस्ते बाहर चिपक कर बैठी रहती अपनी चूचियों को मेरी पीठ पर घिसते हुए तब मैं उसे सामान्य रूप में लेता था क्योकि माँ भी कभी कभी इसी तरह से बैठ जाती थी ! चाची की उम्र करीब 45 के आसपास होगी ! पर चाची ने योगा और एक्सर्साइज़ करके अपनी बॉडी ऐसी मेंटेन कर रखी है जिससे उनकी उम्र 30 – 35 की लगती है !

काकी बहुत ही फेस्नेबल है ज्यादातर सलवार सूट,लेगी-कुर्ती यहाँ तक की कभी कभी तो जींस और टी सर्ट भी पहन कर बाजार चली जाती है ! बहुत ही आधुनिक खयालात की है जब भी कोई काका का दोस्त आता तो उससे खूब हस हस कर बाते करती ! काकी दिन भर सजी सवरी रहती होठो की लिपस्टिक तो कभी छुटती ही नहीं ! होठ हमेसा ही लाल सुर्ख किये रहती !

जब मैं 23 साल का खासा हट्टा कट्टा गबरू जबान हो गया तब चाची मुझे बहुत अधिक मानने लगी जब भी जाता अच्छे अच्छे मराठी खाना जो मुझे पसंद है बना कर खिलाती, साम को सोने के पहले सिर पर तेल मालिस करती , ज़रा सा भी कह देता की आज शरीर दर्द कर रहा है तो तुरंत ही मेरे पुरे शरीर में खूब तेल मालिस करती ! और मेरी भुजाओं को पकड़ती और कहती ”तू तो बहुत कड़ियल जवान हो गया रे तेरी शादी करवानी पड़ेगी”

कई बार चाची मेरे सामने जब भी साडी पहनती तो बड़े आराम से पहनती ! कभी कभी बाथरूम से निकलती तो सिर्फ टॉवेल लगाकर अपने स्तनों को ढककर निकलती तो उनकी सुडौल गोरी गोरी जांघे दिखाई देती ! काका सा अधीक्तर टूर में ही रहते है महीने में 10-15 दिन तो कम से कम बाहर ही रहते हैं !

इस लिए जब शॉपिंग के लिए चाची मेरे साथ ही जाती तो जींस और टी सर्ट पहनकर जाती और दोनों टांगो को बाइक में लड़को की तरह बैठ कर बाजार में काकी ज्यादातर टू पीस की गाउन पहनती रात में ऊपर की पीस उतार देती और सिर्फ इतने में रहती घूमती !

इंदौर की भीड़ !! उफ़ बॉम्बे फेल हो जाए, भीड़ में ब्रेक मारता तो चाची मेरी पीठ पर पूरी तरह से अपनी चूचि को रगड़ते हुए चिपक जाती तो मेरे शरीर में अजीब से सिरहन दौड़ने लगती ! चाची घर में जब रहती तो टू पीस की गाउन पहनती और रात में सोते समय ऊपर का हिसा उतार देती और सो जाती !

मैं दिल्ली में जॉब करता हु पर मेरा भी जॉब सेल्स मैनेजर का है इस लिए हमेसा अलग अलग शहरों में घूमता रहता ! जब भी मध्य प्रदेश का चक्कर लगता तो इंदौर एक बार जरूर जाता और एकात सप्ताह चाची के पास रुकता ! पहले तो नहीं पर अब मैं भी चाची के जादुई सेक्सी जिस्म की तरफ झुकने लगा ! और कभी कभी चाची को चोदने का ख्याल भी मन में आने लगता पर अगले ही पल दिमाग मुझे धिक्कारने लगता तो मन से चाची को चोदने का ख्याल निकाल देता !

पर चाची के हाव भाव मुझे उनके साथ सेक्स करने को आमंत्रित करते जिस के चक्कर में आखिर पड़ ही गया कैसे आगे पढ़िए …अगस्त 2016 की बात है मैं कंपनी के काम से भोपाल गया हुआ था सोचा चलो चाचा चाची से मिलते हुए जाऊं ये सोच कर भोपाल से सुबह 10 बजे इंदौर पहुंच गया ! आप यह कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

पहुँचते ही देखा की काका कहीं बाहर जाने की तैयारी में थे ! पर मेरे पहुँचते ही वापस सोफे पर बैठ गए और बोले ”अच्छा हुआ तू आ गया,कितने दिन रुकेगा” तो मैंने कहा ” दो-तीन दिन का काम है इंदौर में ” तो चाचा बोले ” ठीक है तब तक मैं वापस आ जाउगा” ये सब बाते चाची भी सुन रही थी चाची के आँखों में एक अजीब सी चमक थी उस समय और मेरे पहुचने के बाद मुस्किल से काका 10 मिनट बाद चले गए !

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..

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