भाभियों की चुदाई के लिए जिगोलो बन गया

हेलो रीडर्स मेरा नाम प्रतीक है, मैं वडोदरा का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 28 साल है. दोस्तों आज मैं आप को एक हाउसवाइफ की चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ.
एक दिन मैं घर पर फ्री था तभी मेरे फोन की रिंग बज़ी फोन एक ओरत का था. उसने बताया की वो वडोदरा से बोल रही है तो मैने कहा मैं भी वडोदरा से ही बोल रहा हूँ ओर बोर हो रहा हूँ. बात आगेबड़ी और सेक्स पर आ गई. मैने उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम श्रुती पटेल बताया.
उसने मुझसे बात करने के लिये कहा तो मैने पूछा तुम कहा पर रहती हो तो वो बोली की में वडोदरा संग्रहालय और आर्ट गैलरी  के आस पास में कोई जगह का नाम बताई और बोली में यहा पे रहती हूँ. और कहने लगी की तुम अभी आ सकते हो तो फिर मेंने उसका पूरा पता लिया और उसको अपना चार्ज बता दिया और वो रेडी हो गई मेंने बाहर आकर एक टेक्सी पकड़ ली और वहा पहुचं गया.
जेसे ही मेने दरवाजे की घन्टी बजाई तो वो दोड़ कर आई और बोली की प्रतीक, मेंने कहा हाँ. वो वहाँ पर एक दम अकेली रहती थी.

उसका पति एक कंपनी में लंदन में काम करता था. वो 2 महीने में सिर्फ़ 3-4 दिन के लिये ही दिल्ली आता था. उसका घर बहुत ही खूबसूरत था. उसने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और कपड़े बदलने और चाय बनाने चली गयी. लगभग 10 मिनिट बीत चुके थे तो मैं बेचैन होने लगा.
मैने टी.वी चालू कर दी और देखने लगा. और फिर15 मिनिट के बाद वो चाय लेकर आई. उसने केवल ब्रा और पेन्टी पहन रखी थी. उसका बदन एक दम गोरा था. वो बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी लग रही थी. उसने चाय टेबल पर रखी और मेरी गोद में बैठ कर चाय बनाने लगी.
उसने मुझे चाय दी और खुद मेरी गोद में ही बैठ कर चाय पीने लगी. उसके गोद में बैठने से मैं जोश में आ गया और मेरा लंड खड़ा हो गया. उसने भी मेरे खड़े लंड को महसूस किया और चाय पीते हुये अपनी गांड को मेरे लंड पर रगड़ने लगी.
मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था. 2 मिनिट में ही हम ने चाय ख़त्म की और वो मेरे उपर से हट गयी. उसने मुझसे कहा, “मैने तो सारे कपड़े निकाल दिये लेकिन तुमने अभी तक अपने कपड़े पहन रखे हैं. तुम भी उतार दो इन कपड़ों को.
मैने भी अपनी चड्डी छोड़ कर सारे कपड़े उतार दिये. वो फिर से मेरी गोद में आकर बैठ गयी और मुझे चूमने लगी. मैने भी उसके होठों को चूमना शुरू कर दिया. उसके होठ बहुत गर्म थे. मैं उसकी पीठ पर हाथ फेरने लगा और वो भी मेरे होठों को चूमते हुये मेरी पीठ को सहलाने लगी. आप यह कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l
मेरा लंड एक दम उसकी चूत से सटा हुआ था लेकिन बीच में उसकी पेन्टी थी. मैने उसकी पेन्टी नीचे करनी चाही तो वो बोली, पहले तुम अपनी चड्डी उतारो उसके बाद मेरी पेन्टी उतारना.मैने अपनी चड्डी उतारने के बाद उसकी पेन्टी को भी उतार दिया. फिर मैने उसकी ब्रा को भी खोल कर फेंक दिया. अब हम दोनो एक दम नंगे थे. मैने उसे बेड पर ले जा कर बिठा दिया.
मैने उसके होठों को चूमना और उसकी पीठ पर हाथ फेरना शुरू कर दिया. थोड़ी देर बाद मैने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और घूमाने लगा. मेरी जीभ निकालने के बाद उसने भी वैसा ही किया. वो खूब मजे से मेरे होठों को चूस रही थी और मेरी पीठ पर हाथ फेर रही थी.
थोड़ी देर बाद मैने अपना हाथ उसकी चूत पर रख दिया तो वो मुझसे एक दम लिपट गयी. उसकी चूत एक दम साफ और चिकनी थी. मैने उसकी चूत पर हाथ फेरते फेरते अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी. उसकी चूत एक दम गीली थी.
कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …..

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  • Avinash Maddheshiya

    Wao nice sexs story

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