दोस्ती का फर्ज अदा किया-12

फिर मैंने जैसे ही दरवाज़ा खोला तो मैं माया को देखकर एक पल के लिए घबरा सा गया था कि पता नहीं कहीं इन्होंने कुछ सुन या देख तो नहीं लिया ? पर दरवाजा खुलते ही उन्होंने जो बोला, उससे मेरा डर एक पल में … [Read more...]

Pages: 1 2 3 4

दोस्ती का फर्ज अदा किया-11

मैंने दरवाजा बंद किया और उसकी आँखों में देखते हुए सोचने लगा.. बेटा राहुल.. तवा गर्म है.. सेंक ले रोटी.. पर मुझे इसके साथ ही एक तरफ यह भी डर था कि कहीं मैंने जो सोचा है.. वो यदि कुछ गलत हुआ.. तो सब हाथ … [Read more...]

Pages: 1 2 3

दोस्ती का फर्ज अदा किया-10

अब आगे.. फिर मैं वहीं उन दोनों का इंतज़ार करने लगा और आंटी जी भी अपने कमरे में चली गईं.. शायद कपड़े बदलने गई थीं.. क्योंकि उन कपड़ों में काफी सिकुड़न पड़ चुकी थी.. जिसको किसी ने ध्यान ही नहीं दिया.. … [Read more...]

Pages: 1 2

दोस्ती का फर्ज अदा किया-9

फिर मैं और माया दोनों एक-दूसरे की बाँहों में लेटे रहे। जब माया का दर्द कुछ कम हुआ तो वो उठी और वाशरूम जाने लगी और पांच मिनट बाद जब वापस आई तो चहकते हुए बोली- ओए राहुल तूने तो शादी की पहली रात याद … [Read more...]

Pages: 1 2

दोस्ती का फर्ज अदा किया-8

हम कुछ देर यूँ ही एक-दूसरे को चूमते रहे.. फिर माया के दिमाग में पता नहीं क्या सूझा वो उठ कर गई और फ्रिज से बर्फ के टुकड़े ले आई। यार सच कहूँ तो मेरी समझ में कुछ भी नहीं आ रहा था कि ये सब क्या … [Read more...]

Pages: 1 2

दोस्ती का फर्ज अदा किया-7

आज ये मेरी जिंदगी का पहला दिन था.. जब मैं किसी को इस तरह डिनर पर ले गया था.. वो भी इतनी हसीन लड़की को.. क्योंकि वो औरत लग ही नहीं रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.. हम लोग एक-दूसरे के हाथों को … [Read more...]

Pages: 1 2

दोस्ती का फर्ज अदा किया-6

फिर करीब 2 से 3 बजे के आसपास मेरी आँख खुली तो मैंने अपने बगल में माया को भी सोते हुए पाया.. शायद वो भी थक गई थी। वो मेरे करीब कुछ इस तरह से सो रही थी कि उसकी नग्न पीठ मेरी ओर थी और उसके चिकने नितम्ब … [Read more...]

Pages: 1 2

दोस्ती का फर्ज अदा किया-5

उसने मुझसे मुस्कुराते हुए पूछा- तुम कब से ऐसी फिल्म देख रहे हो? तो मैंने सच बताया कि अभी कुछ दिन पहले से ही मैं और विनोद थिएटर में दो-चार ऐसी मूवी देख चुके हैं। तो उसने आश्चर्य से पूछा- तो विनोद … [Read more...]

Pages: 1 2

दोस्ती का फर्ज अदा किया-4

मेरे घण्टी बजाते ही दरवाज़ा खुला.. मुझे ऐसा लगा जैसे माया घंटों से मेरे आने का इंतज़ार कर रही हो। दरवाज़ा खुलते ही मेरी नजर माया पर पड़ी जो कि बला की खूबसूरत लग रही थी। मैंने आज उसकी आँखों में एक … [Read more...]

Pages: 1 2

दोस्ती का फर्ज अदा किया-3

फिर मैं और वो एक-दूसरे को चुम्बन करते-करते बिस्तर की तरफ चले गए और मैं उसको बिस्तर पर आहिस्ते से लिटा कर उसके बगल में लेट गया। अब उसकी आँखों में चुदाई का नशा साफ़ दिखने लगा था। मैंने धीरे से … [Read more...]

Pages: 1 2

दोस्ती का फर्ज अदा किया-2

फिर वो ‘आआ.. आआआ.. ह्ह्ह्हा.. आआ… ईईईई…’ करती हुई शांत हो गई.. जैसे उनमें जान ही न बची हो। मैंने उनके होठों को चूसना चालू कर दिया.. तो उन्होंने भी मेरा साथ देना चालू कर दिया.. ‘मुआअह मुआअह’ की … [Read more...]

Pages: 1 2

Terms of service | Privacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Feedback