दोस्त की माँ के साथ सम्भोग

हाई दोस्तों,मैं राजा यादव हरियाणा का रहने वाला हूँ और खासकर आंटीबाज़ के नाम से जाना जाता हूँ l दोस्तों यह कहानी में किसी और की नहीं बल्कि अपने ही लंगोटिया यार की माँ के बारे में लिखकर आप सब के साथ … [Read more...]

दोस्ती का फर्ज अदा किया-16

मैंने भी उन्हें चूमना चालू किया और चूमते-चूमते मैं उनके कान के पास आया और फुसफुसा कर बोला- चाहता तो मैं भी तुम्हारे रस को पीना चाहता हूँ।  तो वो ख़ुशी से खिलखिलाकर हंस दी और बोली- मुझे पता था.. तू … [Read more...]

दोस्ती का फर्ज अदा किया-15

जैसे ही मेरी आँखें खुलीं.. तो मैंने आंटी का मुस्कुराता हुआ चेहरा सामने पाया.. मैंने उनसे पूछा- क्या हुआ.. आप इतना मुस्कुरा क्यों रही हो?  तो वो बोलीं- बस ऐसे ही..  मैं बोला- अच्छा.. ऐसा भी भला … [Read more...]

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दोस्ती का फर्ज अदा किया-14

फिर मैं अपने आपको सम्हालते हुए अपनी जेब में हाथ डालकर लौड़े को सही करने लगा.. क्योंकि उस समय मैंने सिर्फ लोअर ही पहन रखा था। मैं जल्दबाज़ी में चड्डी पहनना ही भूल गया था.. तभी मैंने अपने लण्ड को … [Read more...]

दोस्ती का फर्ज अदा किया-13

लेकिन प्लान क्या था.. तो अब मैं अपना प्लान बताता हूँ.. विनोद का ध्यान हटते ही मैंने माया को देखते हुए कहा- आंटी आप ही कुछ बताओ न.. तो वो बोलीं- मैं क्या बताऊँ? मैंने उनसे पूछा- जब आप लोग छोटे थे.. … [Read more...]

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दोस्ती का फर्ज अदा किया-12

फिर मैंने जैसे ही दरवाज़ा खोला तो मैं माया को देखकर एक पल के लिए घबरा सा गया था कि पता नहीं कहीं इन्होंने कुछ सुन या देख तो नहीं लिया ? पर दरवाजा खुलते ही उन्होंने जो बोला, उससे मेरा डर एक पल में … [Read more...]

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दोस्ती का फर्ज अदा किया-11

मैंने दरवाजा बंद किया और उसकी आँखों में देखते हुए सोचने लगा.. बेटा राहुल.. तवा गर्म है.. सेंक ले रोटी.. पर मुझे इसके साथ ही एक तरफ यह भी डर था कि कहीं मैंने जो सोचा है.. वो यदि कुछ गलत हुआ.. तो सब हाथ … [Read more...]

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दोस्ती का फर्ज अदा किया-10

अब आगे.. फिर मैं वहीं उन दोनों का इंतज़ार करने लगा और आंटी जी भी अपने कमरे में चली गईं.. शायद कपड़े बदलने गई थीं.. क्योंकि उन कपड़ों में काफी सिकुड़न पड़ चुकी थी.. जिसको किसी ने ध्यान ही नहीं दिया.. … [Read more...]

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दोस्ती का फर्ज अदा किया-9

फिर मैं और माया दोनों एक-दूसरे की बाँहों में लेटे रहे। जब माया का दर्द कुछ कम हुआ तो वो उठी और वाशरूम जाने लगी और पांच मिनट बाद जब वापस आई तो चहकते हुए बोली- ओए राहुल तूने तो शादी की पहली रात याद … [Read more...]

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दोस्ती का फर्ज अदा किया-8

हम कुछ देर यूँ ही एक-दूसरे को चूमते रहे.. फिर माया के दिमाग में पता नहीं क्या सूझा वो उठ कर गई और फ्रिज से बर्फ के टुकड़े ले आई। यार सच कहूँ तो मेरी समझ में कुछ भी नहीं आ रहा था कि ये सब क्या … [Read more...]

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दोस्ती का फर्ज अदा किया-7

आज ये मेरी जिंदगी का पहला दिन था.. जब मैं किसी को इस तरह डिनर पर ले गया था.. वो भी इतनी हसीन लड़की को.. क्योंकि वो औरत लग ही नहीं रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.. हम लोग एक-दूसरे के हाथों को … [Read more...]

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