Category: हिंदी सेक्स कहानियाँ

मैडम के साथ चुदाई का पाठ पढ़ा

मैंने उसकी चूचियों से खेलना शुरु कर दिया जिससे वो भी दोबारा जोश में आने लगी, बोली- अब कोई दिक्कत नहीं है, अब बारी चूत की है, इसमें कोई कोम्प्रोमइज़ नहीं करना, चूत की प्यास बुझानी है।

चुचिया दबाकर चुत मार लिया

मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और चूचियों को ब्रा की कैद से आज़ाद कर दिया, वो अब काफ़ी बड़ी हो गई थी और कसी थी। अपने जीवन में अब तक इतनी मस्त चूची कभी नहीं देखी थी मैंने मैंने एक चूची को मुँह में ले लिया और वो सिसकारने लगी। उसे पूरा मज़ा आ रहा था। फिर मैंने उसे अब बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी पैंटी भी उतार दी

मुह मे लंड लेकर मजे से चूसने लगी

मैंने उसके टॉप को उतारा और उसके मम्मों के साथ खेलने लगा, उसकी चूचियाँ दबाने लगा। वो भी मुंह से सीत्कारें लेने लगी। मैंने उसका स्कर्ट उतारा और उसकी चिकनी चूत पर हाथ फेरने लगा तो वो उफ़.. आह.. की आवाजें निकालने लगी।

मेरी माँ चुदाई के लिए पागल

प्रेषक अभिषेक, वैधानिक चेतावनी : प्यारे साथियो आपके लिए एक अंतरजातीय सेक्स कहानी लाया हूँ . भाइयो मेरा मकसद सिर्फ़ मनोरंजन करना और करवाना है किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नही आशा करता...

चुदने से पहले उसकी चुत गीली हो गई

चूत मे बुरी तरह से फंसे मेरे मोटे लंड का एहसास फ़िर एक बार होने लगा और वो मुझसे अपना लंड निकालने को कहने लगी। मैंने उसे ढांढस बंधाया कि थोड़ा सा दर्द होगा, पहली बार है इसलिए, लेकिन फ़िर मज़ा आएगा।वो बहुत छटपटा रही थी लेकिन मैंने उसे कस के रखा हुआ था.

सिस्टर की चुत मे लंड घुसेड़ दिया

मैंने अपना हाथ उसके नितम्ब से सरकाकर उसकी जाँघ पर ले गया फिर थोड़ा इंतजार करने के बाद मैंने अपनी हथेली उसकी डबल रोटी पर रख दी। उसका पूरा बदन जोर से काँपा वो थोड़ा और पीछे होकर एकदम मुझसे सट गई और मेरा लिंग उसके खरबूजों की दरार में और गहरे सरक गया