Category: भाई बहन

भाई के साथ चुदाई वाला अनुभव

मेरा नाम प्रीति है और मैं एक सुन्दर गोरी कमसिन लड़की हूँ और 12वीं क्लास में पढ़ती हूँ। मैं आज आप सभी दोस्तो को अपनी एक सच्ची कहानी सुनाने जा रही हूँ, जो कि...

चुदाई की प्यास मे रिश्ते मैं भूल गया-2

सच में दोस्तो, मैं अपनी बहन का प्यार पाकर धन्य हो गया। इस बार झड़ने के बाद मेरा लण्ड ढीला पड़ गया, अब उसमें थोड़ा दर्द भी महसूस हो रहा था। आखिरकार लण्ड पिछले एक घंटे से खड़ा जो था.. इतनी मेहनत के बाद उसकी थकान तो लाजमी ही थी। मैं और बहन बिना लण्ड निकाले ही कितनी ही देर तक एक-दूसरे की बाँहों में पड़े रहे और एक-दूसरे को प्यार करते रहे।

चुदाई की प्यास मे रिश्ते मैं भूल गया-1

बहन को पीछे से पकड़ के सोफे पर लिटा दिया और उन पर चढ़ कर उन्हें बेतहाशा चूमने लगा.. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थीं। मैं इस दौरान अपना लण्ड उनकी चूत पर रगड़ रहा था और क्या बताऊँ दोस्तो.. तभी वो वक्त आ गया.. जिसका मुझे शिद्दत से इंतजार था। उन्होंने खुद मेरा लण्ड पकड़ कर अपनी चूत के दरवाजे पर रख दिया, मैंने भी देर न करते हुए धीरे से अपना सुपारा अन्दर घुसा दिया।इस दौरान उन्होंने अपने आपको थोड़ा एडजस्ट किया.. जिससे उनकी चूत थोड़ा और खुल गई।

मेरी दीदी की वासना बढ़ती जा रही है

नंगे मम्मे का एहसास कुछ और ही था। मैं धीरे धीरे मम्मे दबाने लगा क्योंकि मुझे मालूम था की विभा दीदी को कोई ऐतराज़ नहीं। थोड़ी देर बाद मैंने दूसरा हाथ उसकी टांग पे रख दिया। मैंने दोनों हाथ धीरे धीरे फेर रहा था।विभा दीदी की साँसे तेज़ चल रही थी और मैं महसूस कर रहा था

बियाही बहन के साथ सेक्स का रंग खेला

दीदी अपने हाथ से मेरा मुँह दबा रही थी और मोनिंग कर रही थी आआआहहहाहा ऑम्ग, बहुत अच्छे से चूसो, खा जाओ इस चूत को, इस चूत ने बहुत आग लगाई है और फिर दीदी मेरे मुँह में ही झड़ गयी, दीदी की चूत का टेस्ट बहुत अच्छा था। फिर दीदी ने मेरा लंड देखा और सीधा चूसना चालू किया। अब में उनके मुँह को पकड़कर अंदर बाहर कर रहा था

होठो का चुम्बन उफ़ बदन में सिहरन

चेहरे के मीठे स्वाद को चूसते हुए उनकी गर्दन को चूमने, चाटने लगा था और मेरे ऐसा करते ही वो सिसकारी लेती हुई मुझसे लिपटी जा रही थी। अब में सबाना आपा के समीज के ऊपर से ही उनके बूब्स को दबाने लगा था। अब उनके मांसल बूब्स दबाने से वो सिहरने, सिकुड़ने और छटपटाने लगी थी