चुदक्कड़ फॅमिली की चुदाई की कहानी

गतांग से आगे …..

फिर आयुष्मान ने एक झटका मारा और आधा लंड चंपा की चूत को फाड़ता हुआ अंदर चला गया और चंपा ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी.. बचाओ मेरी चूत फाड़ दी, कोई है? प्रतिक कहाँ हो तुम? मुझे आकर बचाओ, मुझे सेक्स नहीं करना है। आयुष्मान ने दोनों हाथों से चंपा को पकड़ा हुआ था कि कहीं चंपा हिली तो लंड बाहर आ जाएगा.

आयुष्मान बोल रहा था कि बस चंपा एक झटका और.. लेकिन मेरे सिवाए चंपा की चीख सुनने वाला कोई नहीं था। फिर चंपा ज़ोर ज़ोर से चिल्लाती रही और दूसरे झटके में आयुष्मान ने पूरा लंडा अंदर डाल दिया और चंपा को पसीना छुट रहा था।

फिर जैसे ही आयुष्मान ने लंड बाहर निकाला तो चंपा की चूत से खून बाहर आने लगा और चंपा बेहोश हो गई। तो में दरवाजे पर आकर नॉक करने लगा तो उससे पहले आयुष्मान ने दरवाजा खोला और मैंने उसे बोला कि चंपा बड़े ज़ोर से चिल्लाई तो में देखने आ गया।

फिर आयुष्मान बोला कि हाँ उसकी सील टूटी तब चिल्लाई थी और सभी लड़कियाँ ऐसे ही चिल्लाती है। तो मैंने उसे बोला कि में चंपा के मुँह पर पानी के छींटे मारता हूँ। तभी आयुष्मान बोला कि नहीं अभी नहीं.. में एक बार उसे बेहोशी में चोद लेता हूँ फिर मारना और आयुष्मान ने अपना लंड चंपा की चूत में डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा और धक्के पे धक्के देने लगा।

चंपा बेहोशी में भी ऐसी लग रही थी जैसे दर्द से चिल्लाने की कोशिश कर रही हो। फिर आयुष्मान ने अपना पूरा वीर्य चंपा के पेट पर गिरा दिया और मुझे बोला कि अब इसके मुँह पर पानी के छींटे मारो और बहुत देर बाद चंपा होश में आई।

फिर होश में आते ही मुझसे लिपट गई और बोलने लगी कि प्रतिक में तो इतने बड़े लंड से मर जाऊंगी। तभी आयुष्मान बोला कि चंपा जो होना था हो गया। अब तुम्हे भी चुदाई का मजा आएगा। उस रात को में भी उनके साथ ही सो गया और दूसरे दिन चंपा उठ नहीं पाई.

मैंने और आयुष्मान ने उसे उठाकर बाथरूम में स्नान करवाया और चंपा सारा दिन नंगी पड़ी रही और फिर दो रातें बीत जाने के बाद चंपा कुछ ठीक हुई.. फिर अगली रात को आयुष्मान ने चंपा को फिर से चोदा तो इस बार चंपा भी आयुष्मान का साथ देने लगी। फिर चुदाई का सिलसिला चालू हो गया.

आयुष्मान को एक चूत और चंपा को लंड मिल गया था। फिर एक दिन माँ अपना टूर ख़त्म करके वापस आ गई.. और चंपा की हालत देखकर बोली कि क्यों चंपा बहुत मज़े हो रहे है? तो चंपा बोली कि हाँ माँ जी।

फिर एक दिन माँ ने चंपा और आयुष्मान को रंगे हाथों पकड़ लिया और माँ ने मुझे भी बुलाया और बोला कि यह लड़का हमारे घर की इज्जत से खेल रहा था और माँ बोली कि अगर पुलिस को बुलाते है तो हमारे घर की बदनामी होगी। फिर माँ बोली कि आयुष्मान तुम चुपचाप घर से निकल जाओ और कभी भी इस घर में मत आना।

मैंने बोलना शुरू किया और मैंने माँ को सब कुछ सच सच बता दिया। तो माँ ने आयुष्मान को बोला कि ठीक है बेटा.. लेकिन किसी को इस बात का पता ना लगे। शादी को 6 महीने हो गये थे और चंपा एक सप्ताह के लिए अपने माँ, बाप के घर गई हुई थी। दोस्तों आप ये कहानी अन्तर्वासना स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है l

एक दिन शाम को में 4 बजे के करीब घर पर आया तो दरवाजा बंद था और मैंने आयुष्मान को देखा तो कोई भी नज़र नहीं आया.. मैंने माँ को फोन मिलाया तो स्विच ऑफ़ आया। फिर मैंने सोचा कि माँ तो शायद बज़ार चली गई होगी.. लेकिन आयुष्मान को तो दिखाना चाहिए.. कहीं कोई चोर आ गया तो।

मैंने अपनी चाबी से दरवाजा खोला और अंदर आ गया.. इतने में माँ के रूम से आवाज़ आई उई माँ मर गई कोई है? बचाओ मुझे। तो में माँ के रूम की तरफ़ भागा.. माँ के रूम का दरवाजा खुला था और जैसे ही मैंने अंदर देखा तो में तो हैरान रह गया.. आयुष्मान माँ को चोद रहा है और माँ ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही है.. फट गई अरे मार डाला तूने मुझे.. बहू कैसे ले पाती होगी तेरा इतना बड़ा लंड जो में ही नहीं ले पा रही हूँ.. तेरा तो अनंत से भी बहुत बड़ा है।

कहानी जारी है ….. आगे की कहानी पढने के लिए निचे लिखे पेज नंबर पर क्लिक करे …

Pages: 1 2 3 4 5

  • R.K. Singh

    wow. very awsome story and also ur family r great

  • ashu

    Kucky gyuy if it is real story. It is not that a man having penis of size of 3.5′ cannot satisfy a girl.

Terms of service | Privacy PolicyContent removal (Report Illegal Content) | Feedback