Antarvasna Blog

ऑफिस मे चुदक्कड़ माल की चुदाई

मैं उसके मम्मों को दबाने लगा तो मेरा लण्ड उसकी जांघों में चला गया। मैं जैसे जैसे हिलता था, मुझे मज़ा आने लगा। अचानक मेरी स्पीड बढ़ गई, मैं उसकी जांघों में ही होने वाला था कि अचानक मोटी मुझे से छुट कर नीचे बैठ गई।

डिवोर्सी भाभी को चोदने की रात

मैं भी अब ज़बरदस्त मूड में आ गया तो मैंने उस सोफे पर पूरा लिटाते हुए अपने लंड को उसकी चिकनी चूत में अंदर दे दिया जिससे उसकी वासना भरी सीत्कार निकल पड़ी, उसकी चूत बहुत ही कसी हुई थी।

दीदी की चुत मे कडक लंड

उन्होने मेरी पैन्ट नीचे खींच दी तथा हाथ से मेरा लन्ड पकड़कर अपनी टाइट चूत में डाल लिया। और मेरी पीठ दबाकर उपर नीचे करने लगीं। इस सिलसिले में कई बार मेरा लण्ड दीदी की चूत से बाहर आ जाता था। मेरा मन करता था कि स्वयं हाथ से पकड़ कर चूत में घुसा दूं

चुत की चटनी बनाके खूब चाटा

उसने मुझसे कहा- चूत की चटाई अच्छे से होनी चाहिए, जीभ से चुदाई भी होनी चाहिए और चूत की चुसाई भी होनी चाहिए, बीच में रुकना नहीं, लगातार चाटते रहने और सारा माल अंदर लेते रहना। मैंने रात 11 बजे चूत चाटना शुरू कर दिया.

आंखो के सामने पोर्न चुदाई चल रही थी

अंकल ने आंटी की चूचियों को मसलना शुरु किया जो ब्लाउज में समा ही नहीं रही थी, और दूसरी तरफ आंटी उनके लंड को ऊपर से ही मसल रही थी। उतने में जोर से कपड़ा फटने की आवाज़ आई जो आंटी का ब्लाउज फटने की थी और अंकल अब आंटी की ब्रा निकाल रहे थे।

किरायेदार की बीवी को देख उत्तेजना

वो एकदम से उत्तेजित होने लगी और नीचे झुक कर मेरे पैंट में से लण्ड निकाल कर चूसने लगी। मेरा रोम-रोम खड़ा हो गया। मैं भी उसके स्तन दबाने लगा। उसने बाद में कहा- अब तुम्हारी बारी ! तब मैंने कहा- चलो 69 की दशा में आ जाते हैं !